1. अक्टूबर आखिरी सप्ताह में कशी हिन्दू विश्वविद्याला में संगोष्ठी | 2. नवंबर माह में वाराणसी में जैन युवक युवती परिचय महासम्मलेन

संस्था के उद्देश्य

  • बालक, बालिकाओं के शैक्षणिक विकास के लिए प्रारंभिक स्तर से लेकर उच्च स्तर तक के विद्यालय की स्थापना करना तथा उसका संचालन करना ।
  • बालक / बालिकाओं के लिए कम्प्यूटर हार्डवेयर / साफ्टवेयर, औद्योगिक, प्रौद्योगिक एवं तकनीकी शिक्षा की जानकारी प्रदान करना एवं उन्हें स्वंय रोजगार पूरक बनाने का प्रयास करना ।
  • नवीन शिक्षा प्रणाली के अनुसार सभी विषयों एवं भाषाओं का ज्ञान कराना ।
  • समाज कल्याण विभाग तथा केन्द्रीय एवं राज्य समाज कल्याण सलाहकार बोर्ड सिफ्सा, कपाट, नाबार्ड, जिला ग्राम्य विभाग, नेड़ा, डूडा सूड़ा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, द्वारा संचालित बाल एवं महिला कल्याण कार्यक्रमों का भागीदारी करना ।
  • विभिन्न सरकारी योजनाओं के अन्तर्गत विकलांग व्यक्तियों के लिए पुनर्वास केन्द्रों की निःशुल्क स्थापना करना एवं विकलांगो के विद्यालय की व्यवस्था करना ।

भगवान् पार्श्वनाथ विद्वत् महासंघ

सार्वभौमिक प्राच्य विद्या संस्था, नरिया, वाराणसी द्वारा भगवान् पाश्र्वनाथ विद्वत् महासंघ का गठन किया गया है। इस महासंघ में वे विद्वान अथवा विदुषियाँ सदस्यता ग्रहण कर सकेंगे, जिन्होंने प्राच्यविद्याओं में प्रवीणता प्राप्त की है सदस्य बनने के लिए वरिष्ठ विद्वानों के द्वारा अपना संक्षिप्त। परिचय प्रमाणित कराकर भेजना अति आवश्यक है। तदनंतर प्रबंध समिति सदस्य बनाने पर विचार करेगी। समिति द्वारा योग्य विद्वानों का चयन करने पर सदस्यता के रूप में 1100 रुपए सदस्यता शुल्क देना अनिवार्य है। प्रबंध समिति को वरिष्ठ विद्वानों को सम्मानित सदस्य बनाने का अधिकार होगा। उनसे सदस्यता के रूप में कोई भी शुल्क राशि नहीं ली जाएगी।

पुस्तकालय

संस्था द्वारा एक बृहद् पुस्तकालय निर्माण करने की योजना है, जिसमें प्राच्य विद्याओं से संबंधित शोध छात्रों को उनके विषयों के अनुसार पुस्तकें उपलब्ध कराना हैं। इस पुस्तकालय में सभी प्रकार की पुस्तकों का संग्रह रहेगा और शोध छात्रों की मांग के अनुसार पुस्तकों का संग्रह भी किया जाएगा।

सामाजिक कार्य

सम्प्रति मानव जीवन के रहन-सहन और खान-पान के कारण मानव का स्वास्थ्य अत्यंत खराब हो रहा है। अतः संस्था द्वारा स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जायेगा, जिसमें लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जायेगा तथा आवश्यकतानुसार औषधियाँ प्रदान की जाएगी ।

शैक्षिक कार्य

संस्था के द्वारा प्रत्येक वर्ष एक बार बृहद् संगोष्ठी का अयोजन किया जायेगा, जिसमें प्राच्य विद्याओं से संबंधित विषयों को प्रोत्साहित किया जायेगा। संस्था द्वारा प्राच्य विद्याओं से सम्बन्धित विविध विषयों पर देश-विदेश के सुप्रतिष्ठित विद्वानों के व्याख्यान वर्ष में दो बार आयोजित किये जायेगा ।