ग्रन्थ-प्रकाशन योजना

सार्वभौमिक प्राच्य विद्या संस्था के द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार भारतीय प्राच्य विद्या से संबंधित विविध भाषाओं एवं विषयों पर आधारित उच्चस्तरीय शोधपरक एवं मौलिक ग्रन्थों का प्रकाशन किया जायेगा।